भगवान तो केवल भाव के भूखे हैं : चन्द्रशेखर जी महराज
लखनऊ (इटौंजा ) भगवान तो केवल भाव के भूखे हैं, उन्हें भक्त की धन-दौलत और ऐश्वर्य से कोई मतलब नहीं है। भगवान भक्त की भावना को जानते हैं तभी तो उन्होंने बिना मांगे ही अपने मित्र सुदामा को धन-दौलत प्रदान कर दिया।'
यह बाते कूम्हरावां स्थित ग्राम महूवकपुरवा में चल रही श्री राम कथा रसवर्षा कार्यक्रम में सभी चंद्रशेखर जी महाराज ने कही उन्होंने कहा की श्री कृष्ण सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान को भक्त जब कुछ अर्पण करता है तो उसके बदले में भगवान बहुत कुछ दे देते हैं श्री चन्द्रशेखर जी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान ने रामावतार में जो कुछ किया,उसके अनुसार जीवन में आचरण करना चाहिए और कृष्णावतार में जो कुछ कहा है, उसका पालन करना चाहिए। उन्होंने सभी को जीवन में अपनी इच्छाओं को घटाने की प्रेरणा दी क्योंकि जिसके पास संतोष धन है उसके मन को शांति मिलती है और वह प्रसन्न भी रहता है। आज सभी ने फूलों की होली खेलकर खूब आनंद उठाया। श्री व्यास जी ने बीच-बीच में 'राधे राधे कहिए .लगदे नहीं रुपईए', वृंदावन का कण कण बोले श्री राधा राधा', 'शाम सुन्दर की बंसी बोले श्री राधा राधा’, 'गोविंद जै जै, गोपाल जै जै’ भजन गाकर सभी को निहाल किया। इस अवसर पर कथा के आयोजक राम बहादुर यादव राजेंद्र यादव इंद्रपाल यादव व सुधीर बाजपेई जयसिंह संतोष कैलाश दिनेश लव कुश अखिलेश सुनील ओंकार सहित भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया

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