निघासन खीरी यूपी
निघासन पुलिस ने किया तीन पत्रकारों पर फर्जी एफ F.I.R., दोषी व भ्रष्ट वर्दीधारियों पर होनी चाहिए कांटेक्ट ऑफ कोर्ट की कार्यवाही।
कोतवाली निघासन में तीन पत्रकारों पर अवैध तरीके से एफ आई आर दर्ज की गई. पत्रकार सद्दाम, कमाल और संदीप शाक्य निवासी कोतवाली निघासन क्षेत्र के रहने वाले हैं उक्त पत्रकारों को अवैध खनन की विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई तो उक्त खनन की सूचना निघासन कोतवाल डीके सिंह को मोबाइल पर कमाल अहमद के द्वारा देने की कोशिश परंतु चार बार फोन करने पर भी फोन नहीं उठाया गया पांचवी बार मैं फोन उठाया गया तो कोतवाल डीके सिंह ने कहा कि हम इस समय आईजी साहब के दौरे पर उनके साथ में हैं बाद में बात करेंगे.
तब पत्रकारों द्वारा 17/05/2021 को अवैध मिट्टी खनन की खबर लेने के लिए पांच लोग मौके पर खनन स्थल पर पहुंचे वहां पर खनन माफिया बबलू पुत्र अमीरुद्दीन जो के निघासन क्षेत्र में मिट्टी खनन का कार्य करता है और प्रतिदिन 10 से 20 ट्राली मिट्टी की सप्लाई निघासन कस्बा और उसके आसपास के गांवों में करता है खनन स्थल पर 15 ट्रैक्टर -ट्रालीओं के साथ मौके पर खनन करवा रहा था जिसका वीडियो एक पत्रकार मौके पर बनाने लगा तो खनन माफिया बबलू ने उक्त पत्रकार का मोबाइल छीन लिया तथा माइक आईडी तोड़ दिया. अपने अन्य साथियों को बुलाकर डंडे से पिटाई कर दी और भी पत्रकार वीडियो बनाने की कोशिश की तो उनका भी मोबाइल छीन लिया सभी मारपीट करने लगा और एक ट्रैक्टर ड्राइवर को बुलाकर तीनों पत्रकारों पर ट्रैक्टर चढ़ाने को कहा. मारपीट होता देखकर मौके ग्रामीण आ गए तो पत्रकार मौके का फायदा उठाकर वहां से भाग निकले उपरोक्त मारपीट में बबलू के साथी का डंडा बबलू के सर पर भी लग गया जिससे उसका सिर जख्मी हो गया उपरोक्त घटना की जानकारी निघासन कोतवाल डीके सिंह को शाम को लगभग 5:00 बजे अवगत करा दी गई कोतवाली प्रभारी द्वारा खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया गया परंतु 27.5.21 को हमें जानकारी प्राप्त हुई की हम तीनों पत्रकारों पर पुलिस द्वारा एफ आई आर दर्ज कर दी गई है जबकि हमारे द्वारा खनन स्थल और मारपीट का वीडियो भी कोतवाल डीके सिंह को दिखाया गया था एफ आई आर दर्ज करने के बाद हम लोगों को पूछताछ के लिए भी नहीं बुलाया गया न ही हम से मारपीट की सत्यता की जानकारी ली गई अब देखना यह है कि उत्तर प्रदेश योगी सरकार में इन निर्दोष पत्रकारों को न्याय मिलना चाहिए और फर्जी मुकदमा करने वाले भ्रष्ट व दोषी खाकी वर्दी धारियों के ऊपर कांटेक्ट आफ कोर्ट कार्रवाई होनी चाहिए
रिपोर्ट- मनोज तिवारी



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