पंकज जैन के ध्वजारोहण करते ही सुभारम्भ हुआ चतुर्मास कलश स्थापना
महमूदाबाद, सीतापुर
श्रवण मास आते ही सनातन हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार त्यागी वा सन्तो का प्रवास चार माह के लिए एक स्थान रुकने के लिए निर्धारित हो जाता है जिसे चतुर्मास कहा जाता है।इस महान पर्व को जैन साधु बाखूबी निभाते है।
कुछ माह पूर्व आचार्य श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज अपने चौबिस पीछी धारी सन्तो के साथ महमूदाबाद की धरा पर आगमन हुआ ।
वही पर आचार्य श्री को भगवान सम्भव नाथ की जन्म स्थली श्रावस्ती जी के दर्शन करने की इच्छा जाहिर हुई ,महराज श्री को दर्शन कराने को महमूदाबाद वासियो ने दर्शन कराया ,जहा पर आचार्य श्री ने महमूदाबाद में चतुर्मास करने की घोषणा कर दी वही से प्रस्थान कराते हुए 17 तारीख को पुनः आगमन हुआ।
जो 24तारीख को गुरु पूणिमा व 25 तारीख को चतुर्मास कलस की स्थापना की तारीख निर्धारित हुई । अपनी निर्धारित तारीख से समाज सेवी पंकज जैन ने जैन मंदिर प्रांगड़ में ध्वजारोहण कर शुभारंभ हुआ, जलूस के माध्यम से आचार्य श्री को कर्यक्रम स्थल महावीर उद्धयन पहुँचे, वही पर पण्डित विवेक जैन ने संचालन वा ऋतिका जैन के भजनों से सुभारम्भ हुआ । आचार्य श्री ने अपने शुभाशीष मे कहा महमूदाबाद वाले बहुत ही पुण्य शाली है जो हमारा चतुर्मास हो रहा है ।सभी को मंगल आशीर्वाद।
प्रथम मंगल कलश लेने का सौभाग्य कोमल चन्द्र जैन को प्राप्त हुआ।
इस मौके पर कर्नाटक,महारास्ट्र, बिहार,राजस्थान, मध्यप्रदेश,झाड़खंडआदि स्थानों के धर्मानुयायी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
रिपोर्ट-अनुज कुमार जैन




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